Hiiii....... I hope aap sbhi thik honge.... Mai is kahani ki shuruaat karne lagi hu.... So pahli "POSSESIVE LOVE WITH UNCLE 💗🥀" wali story se bhi jyada support karna 🫣,,, aur aik baat meri story's kuch khas riston me hi banti h ,,,so start karte h......
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कहानी शुरू होती है दिल्ली से ,,दिल्ली की सड़क पर ब्लैक कार सड़क पर दौड़ रही थी,,,उस कार को देख कोई नहीं कह सकता था कि वो नॉर्मल होगी,,,,उसके फीचर हाई लेवल के थे,,,सड़क पर चलने वाले लोग मुड़ मुड़ के देख रहे थे उस कार को,,,,उस कार में बैठे सख्श को किसी से मतलब नहीं था ,,वो तो अपनी ही धुन में ड्राइव कर रहा था,,, तभी उस शख्स की निगाह बाहर की तरफ जाती है सबको अपनी तरफ पाकर शख्स ने कार का शीशा डाउन कर देता है,,उसको देख सभी हैरान हो जाते हैं,,,अंदर बैठा शख्स कोई लड़का नहीं बल्कि लड़की थी,,,उस लड़की के होठों पर डेविल स्माइल आ जाती हैं
वो दिखने में इस तरह लग रही थी,,,

उसकी एक स्माइल ही काफी थी,,,लड़कों के दिलों को घायल करने के लिए,,,,, सभी उसकी अदा पर फिदा हो जाते हैं,,,उस लड़की ने सबको इग्नोर कर कार की फुल स्पीड कर हवा के झोंके की तरह ले जाती हैं,,,उसकी कार एक बड़े सी यूनिवर्सिटी के आगे रुकती है,,कार से उतर कर वो एक नजर यूनिवर्सिटी को देखती हैं,,,अपने कदम अंदर की तरफ बढ़ा देती है,,,जैसे जैसे वो आगे बढ़ रही थी,,,सारे स्टूडेंट उसे देखने लगते हैं उसका औरा ही ऐसा था कोई भी उसकी तरफ अट्रैक्ट हो जाता,,,सारे स्टूडेंट उसे ही देखने लगते है लड़के तो उस पर दिल ही हार जाते हैं,दिखने में वो कयामत थी ,,वही लड़कियां तो उसकी खूबसूरती और पर्सनैलिटी से जल भून जाती है,,,,पर वो सभी को इगनोर कर प्रिंसिपल के ऑफिस में चली जाती हैं,,,प्रिंसिपल उसे देख खड़ा हो जाता है,,,उसकी तरफ हाथ बढ़ाकर *" आइए आइए मिस राजवंशी ,,, मैं आपका ही इंतजार कर रहा था,,,बैठिए,,,"*
वो लड़की बिना किसी भाव के प्रिंसिपल के सामने वाली कुर्सी पर बैठ जाती है,,,प्रिंसिपल भी उसके ना बोलने से शर्मिंदा होकर बैठ जाता है,, उसकी तरफ एक फाइल बढ़ा देता है,,वो लड़की फाइल लेकर रीड करने लगती है पांच मिनट रीड करने के बाद खड़ी होकर बोली * " चलती हूं बहुत जल्द आऊंगी,,,इंतजार करना हमारा,,,,"* वो बड़े ही स्टाइल से पीछे मुड़ कर चली जाती हैं,,उसके इस तरह बोलने से प्रिंसिपल थोड़ा कांप सा जाता है,,,उसकी आवाज में एक ठंडापन था,,जो किसी की भी सांस रोक सकता था,,,,।
प्रिंसिपल अपने माथे पर आया पसीना पोंछकर बोला " hash बच गया,,,,, ये लड़की है या तूफान,,,मुझे तो इसकी कोल्डनेस से ही डर लग रहा था,,,पता नहीं इसके घर वाले कैसे झेलते होंगे,,,अब तो ये परमानेंट ही यहां आ जायेगी,,,तो क्या होगा,,, चलो बच्चों को तो सुधारेगी,,,,भगवान बचाना इस साइको से,,," * वो अपना चेहरा ऊपर की और कर हाथ जोड़ देता है,,,जैसे कह रहा हो भगवान प्लीज बचा लेना😁।
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उसने अपनी कार बड़े से विला के सामने रोकी,,,ड्राइवर को चाबी पकड़ा अंदर चली जाती है,,,वो सीढ़ियों से होकर ऊपर जा ही रही थी कि पीछे से किसी ने गुस्से से चिल्लाकर कहा *" बतमीज तो तुम पहले से ही थी पर बड़ों का आदर समान भी करना भूल गई,,,घर में मेहमान आये है उनके पैर छूने तो दूर बुलाना भी जरूरी नहीं समझा,,,,"*
उसने अपनी आंखों में ज्वाला का तेज लेकर पीछे घूमी,,,देखा कि सामने उसके 50 साल का आदमी खड़ा था,,दिखने में फिट था इतनी उमर में भी,,,उसके चेहरे पर गुस्सा था,,,उसने आदमी को ऊपर से नीचे तक स्कैन कर और होठों पर तीखी स्माइल लाकर *" वो क्या है ना मिस्टर हमको ना किसी ने तमीज नहीं सिखाई,,, बस उसी का असर ,,,इसलिए तो हम पैदाइशी बतमीज हुए है,,,सो आपके लिए भी भलाई है इस बतमीज से दूर ही रहिए,,,कही इस बतमीजी का शिकार न होना पड़ जाए,,," कहते कहते उसकी आवाज में गुस्सा और सख्ती आ जाती है,,,।
*" बकवास बंद करो कायनात वो तुम्हारा बाप है तुम उसके साथ इस तरह बात नहीं कर सकती ,,माफी मांगो अभी और इसी वक्त,,,"* पीछे से 47 साल की औरत ने आते हुए कहा वो दिखने में सामने खड़ी कायनात की तरह ही लग रही थी,,, ।
ये सुन कायनात की आंखे सिकुड़ जाती है,,,जिस इंसान को देखकर ही उसका खून खोल जाता है,वो उसे उसका बाप कह रही है और माफी भी मांगने को ,,impossible,,, उसने उस औरत को घूर कर कहा " पहली बात तो वो मेरा बाप नहीं है सिर्फ आपका हसबैंड है और दूसरी बात ये कि आप होती कौन है मुझे बताने वाली की मुझे किससे कैसे बात करनी है ,,," उसका गुस्सा देख एक बार तो वो औरत भी डरकर दो कदम पीछे हो जाती हैं,,मगर उस आदमी से रहा नहीं जाता ,,वो बोला " शर्म करो वो तुम्हारी मां है,, उसके साथ तो इतनी बतमीजी से पेश मत आओ,,,"
कायनात ने तंज भरे लहजे में कहा * " मेरी मां अच्छा मजाक कर लेते हो,,,मेरी मां का तो मैंने उसी दिन संस्कार कर दिया था जिस दिन उसने आपसे शादी की थी,,,समझे ,, हमारे रिश्ता का भी उसी दिन संस्कार हो गया था,,,"
वो औरत धक सी रह जाती है अपनी बेटी के कड़वे बोल सुन,,,वो गिरने ही वाली होती है,,वो आदमी उसे संभाल लेता है और सोफे की तरफ लेजाकर उस पर बिठा देता है,,, और पास पड़े टेबल से पानी का गिलास उठाकर औरत की तरफ बढ़ाता है तो देखता है कि वो सिर नीचे झुकाए सिसक रही थी,,, पास बैठे लोग जो शायद रिश्तेदार थे वो भी उनके तमाशे को भरपूर मजे से देख रहे थे,,,उन सभी को लग रहा था कि लड़की बड़ी ही बतमीज है कोई उसे घमंडी समझ रहा था,,,पर उनमें एक इंसान था जो कायनात की आंखों में गुस्से को नहीं दर्द को देखा,,,पता नहीं क्यों पर वो इंसान बार बार ऊपर देख रहा था जहां से कायनात गई थी,,,।
So हो जाए सभी का इंट्रोडक्शन इस पार्ट में अकेली हीरोइन का ही इंट्रो दूंगी बाकी का दूसरे पार्ट में.....
प्रोफेसर साहिबा 👑 🌸 कायनात राजवंशी
दिखने में अप्सरा है,,,पर इसकी आंखे देख ले तो वहीं अप्सरा मौत लगने लगती है,,,बाहर से शांत मगर तब तक ही जब तक उसे गुस्सा ना आये,,,,उमर २५ साल की है ,,प्रोफेक्ट बॉडी क्या फिगर है यार लड़की का,,,मतलब इतनी की कोई भी एक बार देख ले तो साला नजर ही ना हटा पाए,,,,दिल्ली के टॉप कॉलेज में इनकी ज्वाइनिंग हुई है,,,,।
बाकी अगले पार्ट में ,,,
मुझे नहीं पता ये स्टोरी कैसी होगी,,,पर आप सभी लोग साथ दो तो शायद बेहतर से बेहतर भी हो जाए,,, ज्यादा
से ज्यादा सपोर्ट करना और समीक्षा देकर बताना पहला पार्ट कैसा लगा ,,,बड़े शब्दों में😁
PENDING......
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