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एक ऐसी लड़की जिसके पास सब कुछ होते हुए भी एक अनाथों की तरह जिंदगी जीने लगी ,,,, उसके अपनों कोई परवाह नहीं थी ,,,चाहे वो मरे या जिये,,, यहां तक कि उसकी जन्म देने वाली मां ने भी मुंह मोड़ लिया । उस मां को सिर्फ अपने बड़े दो बेटे और एक बेटी की फिक्र थी,,, छोटी बेटी कहां है,,कैसी है उसे जरा भी फिक्र नहीं थी,,,उसके बाप को भी बस अपने बड़े बच्चों और बिजनेस से मतलब था,,,, भाइयों के लिये एक बहन ही सब कुछ थी,,,दूसरी को उन्होंने कभी बहन छोड़ो ,अजनबी की तरह बुलाते भी नहीं । कैसे लगता होगा उसे जब उसे अपने ही इस तरह इग्नोर करे जैसे वो गंदगी हो,, या नाजायज औलाद । कैसे बदलेगी वो अपनी जिंदगी? उसकी जिंदगी बर्बाद करने वालों को कभी माफ कर पाएगी वो?
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