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अधिराज का यूनिवर्सिटी आना

अमेरिका यूनिवर्सिटी,,,

                                 पूरी यूनी में हड़कंप मचा हुआ था,,एक लड़की अपने पास वाली लड़की से पूछती है " क्या हुआ सब ऐसे क्यों भाग रहे हैं..."

दूसरी लड़की " अरे तुम नईं हो इसलिए तुम्हे पता नहीं ,,वो डेविल्स की गैंग आ रही है,,इसलिए सभी भागकर क्लास में जा रहे है,,,चलो हम भी चले वरना हमारी खैर नहीं.." इतना कहकर पहली वाली लड़की हाथ पकड़कर ले जाती है।

पहली लड़की " पर बताओ तो कौन है वो ..."

दूसरी लड़की " डेविल गैंग में तीन मेंबर हैं,,उनकी लीडर आकृति सिंघानिया है ,,बाकी दो वंशिका ठाकुर,,और ध्रुव मल्होत्रा.. बस इन तीनों से दूर रहना ,,तीनों ही बहुत खतरनाक है ,,,सॉरी पर में तुम्हे अपना नाम बताना भूल गई,, हाय मैं शालीन अरोरा.." उसने बैंच पर बैठते हुए कहा।

पहली लड़की ने सिर हिलाकर " मैं युविका राजावत..फ्रेंड्स.."

शालीन सिर हिला देती है इतने में क्लॉस में प्रोफेसर आ जाते हैं।

इधर पार्किंग में डेविल गैंग अपनी बाइक पार्किंग में लगाकर क्लास की तरफ जाते हैं,,वंशिका पूरे ग्राउंड में एक नजर देख " यार रानी साहिबा हमारा खौफ तो बहुत है इन स्टूडेंट्स में.... देख ना कैसे हमारे आने से पहले सारे क्लास रूम में चले गए ,,,,सो इनोसेंट..."

वंशिका की बात सुन ध्रुव ने कहा " पगली डेविल गैंग है,,रही बात स्टूडेंट्स की हमारे ज्वॉइन करने से पहले क्या हालत थी इन लोगों की कोई भी पढ़ाई को सिरियस नहीं लेता था,,,अब देखो ना कैसे हमारी यूनी टॉप में हैं।.."

वंशिका भी उसकी बात पर सहमति जता देती है,,तीनों क्लास रूम के गेट पर आकर रुकते हैं,,बिना परमिशन लिए तीनों क्लास रूम में चले जाते हैं,,तभी उन्हें एक कड़क आवाज सुनाई देती है" रुको.."

सभी प्रोफेसर की तरफ देखते हैं जो गुस्से से डेविल गैंग को घूर रहा था फिर डेविल गैंग की तरफ देखते हैं जो प्रोफेसर की तरफ पीठ करके खड़े थे,तीनों ने ब्लैक जींस के ऊपर ब्लैक टी शर्ट पहनी थी ,उनके साथ मैचिंग ब्लैक शूज,,टी शर्ट के ऊपर वाइन कलर की लैदर जैकेट पहन रखी थी ,,एक हाथ में रिच वॉच और दूसरे महादेव का कड़ा पहन रखा था ।

अब तीनों मुड़कर पीछे प्रोफ़ेसर को देखते हैं जो अब भी उन तीनों को ही घूर रहा था,,आकृति वंशिका और ध्रुव को बैठने का इशारा करती है तो वो दोनों बैंच के ऊपर बैठ जाता है,जिससे प्रोफेसर का गुस्सा और बढ़ जाता है,,पर वो दोनों तो आराम से आगे होने वाले एंटरटेनमेंट को देखने के लिए उत्सुक थे...

        आकृति प्रोफेसर के बिल्कुल सामने जाकर उसकी आंखों में आंखे डालकर " एनी प्रॉब्लम ,मिस्टर न्यू प्रोफेसर.."

प्रोफेसर गुस्से से " बिना परमिशन लिए क्लास में आना कहा कि समझदारी है मिस..एक तो आप तीनों लेट आए फिर बिना परमिशन लिए सीधा मुंह उठाकर क्लास में घुस गए..."

"उफ्फ ,, पहली बात तुम्हारा गुस्सा,,तेवर और एटीट्यूड वहां दिखाना जहां काम आए ,,मिस्टर न्यू प्रोफेसर,,,दूसरी बात ये यूनी तेरे बाप की नहीं ,,जो ये लेक्चर झाड़ रहा है तू.."आकृति ने अपने बालों पर हाथ फेरकर कहा ।

सभी स्टूडेंट्स को अब प्रोफेसर की फिक्र हो रही थी कि उसके साथ क्या होगा ,,वही दो नमूनों को इन सब से कोई मतलब नहीं था वो तो सिर्फ लड़ाई के मजे ले रहे थे,,,आखिर आकृति कभी कभी ही लड़ाई झगड़े करती थीं,वो भी तब जब मसला बड़ा हो..!

" बिहेव योरसेल्फ ,,लड़की हो पढ़ाई पर ध्यान दो ,,,यही बेहतर होगा तुम्हारे लिए,,अगर ये मेरे बाप की यूनी नहीं तो तेरे बाप की भी नहीं है.."  प्रोफ़ेसर ने टेबल पर हाथ मारकर कहा।

आकृति अपनी गर्दन की पीछे से अपने हाथ से मसलते हुए" बताओ कोई इन महाशय को ,,ये यूनी मेरे बाप ,,उफ्फ सिंघानियज की है... इसलिए पहली बात बहुत प्यार से समझाई थी कि गुस्सा ,,तेवर वहां दिखाना जहां काम आए,,,आगे से कभी भी डेविल गैंग के मैटर में बीच में मत पड़ना ,, तेरे लिए बहुत ही नुकसान देह होगा,,, कही ये प्रोफेसर गिरी दिखाते दिखाते,,अपना नुकसान ना करा लो.."  इतना कहकर वो ध्रुव और वंशिका को चलने का इशारा करती है और बाहर निकल जाती हैं।

   बाहर आकर ध्रुव आकृति से " ऐ रानी साहिबा तूने उसे ऐसे ही क्यों छोड़ दिया... "

वंशिका उसके कंधे पर हाथ रख" क्योंकि वो नया है यार ,,,अभी कुछ नहीं पता उसे कॉलेज के बारे में इसलिए छोड़ो और कैंटीन में कुछ खाते हैं.." तीनों कैंटीन में चले जाते है।

प्रोफेसर क्लास से निकल प्रिंसिपल के केबिन में जाकर आज के इंसीडेंट को बताता है,,तो प्रिंसिपल उसे समझाते हुए " प्रोफेसर राजावत ,,आप उनसे पंगा मत लो ,,जबसे वह तीनों यूनी में आए हैं हमारी यूनिवर्सिटी टॉप में हैं,,पहले यह स्टूडेंट्स रैगिंग ,,और गलत कामों में मशहूर था ,,, और फिर ये यूनी भी सिंघानिया खानदान की है हम कुछ नहीं कर सकते हैं,,।

प्रोफेसर राजावत " ऐसे कैसे कुछ नहीं कर सकते ,,वह प्रोफेसर से किस तरह से बात कर रही थी,,आपको पता भी है,,उन्हें देख देख बाकी सब स्टूडेंट्स भी ऐसा करेंगे,,,हम यहां पढ़ाने आते है इनकी बतमीजिया सहने नहीं ,,,,  मै इनके घरवालों के पास कंपलेन  कर रहा हूं.." इतना कहकर प्रोफेसर अपने केबिन में चला जाता है।

फिक्र में छोड़ जाता है प्रिंसिपल को😂😂

प्रोफेसर राजावत अपने केबिन में बैठा मिस्टर आतिश सिंघानिया से कॉल पर बात कर रहा होता है" देखिए मिस्टर सिंघानिया,,आपकी बेटी ने प्रोफेसर के साथ मिस बिहेव किया है,,हम यहां पढ़ाने आते है उनसे अपमान करवाने नहीं.."

मिस्टर सिंघानिया " मै समझ गया आपको कुछ भी कहने की या बताने की जरूरत नहीं ,,,मुझे उसकी पल पल की खबर पहुंच जाती हैं मिस्टर राजावत,, मेरा छोटा भाई अभी अमेरिका में है ,,तो मैं उसे यूनी में भेजता हूं,," आतिश सिंघानिया इतना कहकर फोन काट देते हैं। प्रोफेसर राजावत सोफे पर बैठ गहरी सांस लेता है।

आधे घंटे बाद कारों का काफिला यूनिवर्सिटी के गेट पर आता है उसमें से हैंडसम आदमी निकल कर बाहर आता है उसने ब्लैक फॉर्मल पेंट के साथ व्हाइट शर्ट पहन रखी थी शर्ट के तीन बटन खुले थे,,बाज सी नजर तेज तरार ,,शेर की चाल,,सीधे कदम प्रोफेसर राजावत के केबिन की तरफ बढ़ा देता हैं,,अपने गार्ड्स को केबिन से बाहर रुकने का कह खुद अंदर चला जाता है। उसे देख प्रोफेसर राजावत खुश होकर गले मिलता है " ओए अधि तू यहां,,,

अधिराज सिर हिला कर" हा,,, क्या हुआ तुझे ..."

" क्या ही बताऊं यार ,,एक लड़की है यूनी में सुबह से उसने मूड खराब करके रख दिया..." दक्षिण ने मुंह बनाकर कहा।

अधिराज पानी का गिलास उठाकर" ऐसा भी क्या कर दिया उसने.." इतना कहकर पानी पीने लगता है।

दक्षिण उसे सुबह का सारा इंसीडेंट सुना देता है,,अधिराज के मुंह से सारा पानी बाहर निकल जाता है,,और उसको खांसी आ जाती हैं।

"पागल है क्या आराम से पी.." दक्षिण उसे डांटते हुए कहता है।

" वैसे कौन है वो लड़की बुला उसे.. जरा मैं भी तो देखूं.." अधिराज गहरी सांस लेकर कहता है।

दक्षिण पीयून को कॉल कर आकृति को बुलाता है। थोड़ी देर बाद प्यून आकर " सर वो रानी साहिबा कैंटीन सो रही है,,उनके दोस्त होते तो उठा देते ,,पर वो दोनों बाहर चले गए ,,अगर उसे किसी ने उठाया तो,,वो कभी भी उठने जैसा नहीं रहेगा,,, प्लीज सर .." इतना कहकर पियुन भाग जाता है,वही अधिराज और दक्षिण के चेहरे पर अब गुस्सा दिखने लगता हैं , वो दोनों कैंटीन में जाते हैं।

कैंटीन में टेबल पर फोन और बैग रख कर,, कानों  में इयरफोन लगा कर ,,आराम से बैंच पर लेटी आकृति अपनी सपनों की दुनिया में खोई हुई थी,,वही वो दोनों उसे गुस्से से घूर रहे थे,,सभी स्टूडेंट्स की नजर उन दोनों पर थी लड़कियां तो दोनों पर फिदा हो चुकी थी । वहीं आधे स्टूडेंट्स को डर भी था अब क्या होगा।

अधिराज ने उसके चेहरे को रुमाल से ढका देख रुमाल उठा देता है,,धूप की आधी किरण से चमकता चेहरा,,निचले होठ की नीचे काला तिल,,, गालों पर दो लटे .. दो मिनट के लिए तो अधिराज उसमें खो जाता है। वहीं दक्षिण अपने दोस्त को देख हैरान हो जाता है,,जो आज तक किसी लड़की को टच नहीं करने देता था आज वो खुद आगे चलकर आया बल्कि एकटक उसमे खो सा गया ।

अधिराज होश में आकर वहां से चेयर लेकर उसके चेहरे के करीब बैठ जाता है,,कुछ देर पहले जो गुस्सा था वो अब छू मंतर हो गया था,,दक्षिण भी दूसरी तरफ बैठ जाता है।

अधिराज उसको दो तीन आवाज लगाता है जब वो नहीं उठती तो पास पड़ा जग उठाकर उसके चेहरे पर उड़ेल देता है,, आकृति हड़बड़ाकर " किस साले की मौत आई है,,,..." आधे शब्द उसके मुंह में ही रह जाते है जब वो सामने अधिराज को देखती हैं,,जल्दी से अपने एयरफोन निकाल कर टेबल पर रखती है,, अधिराज उसके  होठों पर पानी की बूंदे देख उसका दिल मचलने लगता है पर वो खुद को कंट्रोल कर लेता हैं।

अधिराज गहरी सांस लेकर कड़क आवाज में " ये मैं क्या सुन रहा हूं,,तूने प्रोफ़ेसर के साथ मिस बिहेव किया.."

आकृति खड़ी होकर सिर झुका के हा में सिर हिला देती हैं।

सभी आकृति का ये रूप देख दंग रह जाते हैं,,वही दक्षिण कभी आकृति को देखता कभी अधिराज को ।

"और वजह क्या थी अक्की..." अबकी बार अधिराज नरमी से कहता है।

" डोंट कॉल मी अक्की,,मिस्टर अधिराज सिंघानिया,,, ओनली आकृति आतिश सिंघानिया,,दूसरी बात जब आपको इन महाशय उफ्फ मिस्टर न्यू प्रोफेसर ने बुला ही लिया तो वजह भी बताई होगी.." इतना कहकर अपनी गर्दन मसलने लगती है,,अधिराज अब समझ जाता है कि उसे गुस्सा आ रहा है,,उसका गुस्सा अपने डैड पर गया है,,ज्यादातर आता नहीं जब आता है तो किसी की नहीं सुनती है इसलिए प्यार से मसला संभालने की कोशिश करता है। वहीं दक्षिण अक्की नाम सुनकर सब समझ जाता है इसलिए चुप रहना ही बेहतर है।

"देखो आकृति वह तुम्हारे प्रोफेसर हैं,,उनको समान दिया जाता है,,उनके साथ मिस बिहेव नहीं करते..." अधिराज कहता है।

आकृति उसे देख " अब आप मुझे समझाएंगे,,की मुझे क्या करना है क्या नहीं..."

उसकी बात सुन अधिराज के तन बदन में आग लग जाती है,,गुस्से में " जरूरत पड़ी तो वह भी करूंगा ,,मुझे पसंद नहीं कोई मेरी बात टाले,,तुम्हे मेरी बात माननी होगी.."

"मुझे भी किसी की बात सुनने या मानने में बिल्कुल भी पसंद नहीं..." आकृति ने उसी टोन में कहा और अपना बैग और फोन उठाकर बाहर जाने लगी। तभी अधिराज उसकी कलाई पकड़ अपनी तरफ खींच लेता है,,दोनों की धड़कने तेज चलने लगती हैं।आकृति सीधा उसके सीने में आ जाती है पर अपने हाथ छाती पर रख दूरी mantain कर लेती हैं,,ये देख अधिराज की भौंहे तन जाती है।

"अगर तुम चाहती हो परमानेंट इंडिया जाना तो अपने प्रोफेसर से सॉरी मांगो.." अधिराज ने कहा ।

आकृति उससे दूर होकर " मुझे ना तो इंडिया जाना है, ना ही किसी से सॉरी मांगनी है,,,आपको शायद काम नहीं होगा ,,पर मुझे बहुत है.."

" ओह रियली अभी तक तुम अपने सपनों की दुनिया में खोई हुई थी,,तब तो तुम्हे कोई काम नहीं था,,फिर अब तुम्हे काम याद आ गए.." उसने तंज कसते हुए कहा।

आकृति अपना माथा सहला कर " मेरी लाइफ मैं कुछ भी करूं आपको क्या.." तभी उसके फोन पर डेविल नाम शो हो रहा था,,एक नजर अधिराज को देख अपना फोन उठाकर गहरी सांस लेकर बैंच पर बैठ जाती हैं,,

ऑन द कॉल डेविल " हैलो प्रिंसेस ,,

आकृति " हा डेविल..कैसे है आप.." बैंच के पीछे सिर रख कान पर फोन लगाकर आंखे बंद कर लेती हैं।

डेविल " मैं तो ठीक हूं ,,,मैने सुना तुमने फिर कांड कर दिया.."

आकृति " हा..छोटी छोटी बातों का भूचाल बना लेते हैं ये घरवाले,,,बाहर भी चैन से जीने नहीं देते हैं.."

डेविल हंसते हुए " अभी तुम गुस्से में हो,,और तेरे सामने चाचू है ,राइट .."

आकृति " हा.."

"सच्ची तो क्या कहा चाचू ने.." डेविल उर्फ आकर्षक सिंघानिया ने कहा।

आकृति " मै sorry मांगू,, प्रोफेसर से.."

डेविल " तो मांग ले..."

आकृति " बिल्कुल भी नहीं.."

उनकी बातों से चिढ़कर अधिराज ने सारे स्टूडेंट्स को जाने का इशारा किया ,, लड़कियों का जाने का मन तो नहीं था फिर भी चली गई,,कुछ को तो आकृति से जलन हो रही थी थी।

अभी तक फोन में लगे देख एक नजर दक्षिण को देख फिर आकृति के हाथ से फोन छीनकर " तुम दोनों बहन भाई की बातें खत्म नहीं होने वाली ,ये तो मैं जानता हूं पर अगले एक सेकंड में तूने फोन नहीं काटा तो तुझे अफ्रीका की सैर मै कराऊंगा..." उसकी बात सुन आकर्षक फोन काट देता है,अधिराज गहरी सांस लेता है,फिर वो दोनों की तरफ देखता है जो उसे ही घूर रहे थे।

आकृति उसकी तरफ हाथ बढ़ाती हैं,,तो अधिराज उसके हाथ पर हाथ रख देता हैं,,जिससे आकृति की भौंहे उठ जाती है " फोन देने का कष्ट करेंगे आप.."

अधिराज हड़बड़ा कर फोन देता हैं और खुद बैठ जाता हैं अब उसकी नजरें जमीन पर थी ,,आकृति उसकी हालत समझ कर " अब क्या चाहते हैं आप ..."

उसे देखते हुए " बस सॉरी मांग लो उससे .." आकृति उसकी बात सुन दो सेकंड सोचती हैं फिर खड़ी होकर सिर झुकाकर " आज पहली बार आपसे मिस्टर न्यू प्रोफेसर सॉरी मांग रही हूं,,क्योंकि मै किसी का blood प्रेशर बढ़ाना नहीं चाहती ,,,आगे से कभी भी मेरे मैटर में मत बोलना ,,उसकी गारंटी मेरे घर वाले भी नहीं लेने वाले.." अपना बैग और फोन उठाकर अधिराज की तरफ देखती हैं जो स्माइल कर रहा था, नागवारी में सिर हिलाकर अपनी बाइक लेकर कॉलेज से चली जाती हैं।

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Hey 👋 I am mery ❣️ stuck par Meri first story h isko support karna,,,please 🥺🫡

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