सिंघानिया विला में सभी डिनर कर रहे थे,,,दादी और शिविका बार बार अक्की और अधिराज की तरफ देख रहे थे,,,दोनों ही उनकी नजरें महसूस कर रहे थे,,दादी अधिराज की तरफ देख कर " कल मेरी दोस्त और उसकी फैमिली हमारे घर आ रही है,,,सभी को घर पर रहना,,,खासकर तू अधि ,,,मुझे कोई बहाना नहीं चाहिए,,,"
अधि ( अधिराज को अधि कहूंगी) " पर मां मेरा क्या काम है,,,, आपकी दोस्त है आप मिलना,,,"


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